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Thursday, January 26, 2012

जन गण मन के मधुर सुरों से.......


अरुणोदय की मंगल बेला
कलश लिये ऊषा का आना
कलरव के सरगम वंदन से
श्रम का सूरज पूजा जाना.

ओस कणों को दूर्बादल से
चुन चुन कर रश्मि ने बीना
कृषकों के तन से झर आये
हीरा, मोती और नगीना.

हर पग पर इतिहास रचा है
निखर रहा उन्नति का अर्चन
तन का होता नाश अरे !
बाधाओं का आत्म समर्पण.

जन गण मन के मधुर सुरों से
आओ मंगल गान करें
संस्कृति के आदर्शों से
नव युग का आव्हान करें.


कृपया एक क्लिक यहाँ भी-
श्रीमती सपना निगम (हिंदी ) http://mitanigoth2.blogspot.com


अरुण कुमार निगम
आदित्य नगर,दुर्ग (छत्तीसगढ़)
विजय नगर, जबलपुर (म.प्र.)

31 comments:

  1. Hey buddy that was a gud post
    lot of quality stuff and essential information
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    ReplyDelete
  2. Hey buddy that was a gud post
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  3. हर पग पर इतिहास रचा है
    निखर रहा उन्नति का अर्चन
    तन का होता नाश अरे !
    बाधाओं का आत्म समर्पण.

    बहुत बढ़िया सर!


    सादर

    ReplyDelete
  4. गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभ कामनाएँ।
    ----------------------------
    कल 27/01/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  5. जन गण मन के मधुर सुरों से
    आओ मंगल गान करें
    संस्कृति के आदर्शों से
    नव युग का आव्हान करें...बहुत ही सुन्दर

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  6. सभी को गणतन्त्र दिवस पर हार्दिक बधाई

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  7. बहुत सुन्दर...
    गणतन्त्र दिवस की शुभकामनाएँ..

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  8. सुन्दर कविता....बधाई....
    कृपया इसे भी पढ़े-
    क्या यही गणतंत्र है
    क्या यही गणतंत्र है

    ReplyDelete
  9. जन गण मन के मधुर सुरों से
    आओ मंगल गान करें
    संस्कृति के आदर्शों से
    नव युग का आव्हान करें...

    Ameen ... is nav yug ke aahwaan mein sabhi shaamil hon ... desh unnat aur vishaal ho ...
    गणतन्त्र दिवस की शुभकामनाएँ...

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  10. कृषकों के तन से झर आये
    हीरा, मोती और नगीना.
    बहुत सुन्दर पंक्तियाँ .. सुन्दर भाव से सजी पूरी रचना .. गणतंत्र दिवस की शुभकामनयें

    ReplyDelete
  11. ओस कणों को दूर्बादल से
    चुन चुन कर रश्मि ने बीना
    कृषकों के तन से झर आये
    हीरा, मोती और नगीना.

    श्रम की महत्ता अभिव्यक्त करता प्रभावशाली गीत।
    गणतंत्र दिवस की बधाई।

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  12. बहुत ही सुंदर भाव संयोजन से सजी भावपूर्ण एवं देश भक्ति से चलचलती कविता समय मिले कभी तो आयेगा मेरी पोस्ट पर आपका स्वागत है
    http://aapki-pasand.blogspot.com

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  13. सुन्दर आव्हान..गणतंत्र दिवस की बधाई .

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  14. बहुत सुंदर प्रस्तुति,भावपूर्ण अच्छी रचना,..

    WELCOME TO NEW POST --26 जनवरी आया है....
    गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाए.....

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  15. सुन्दर भाव से सजी पूरी रचना .. गणतंत्र दिवस की शुभकामनयें
    जय हिंद...वंदे मातरम्।

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  16. sarv pratham to badhaai sweekaren open book me vijeta banne ki.vo chhand bhi aapka kamaal ka hai.yeh kavita bhi bahut uttam sashqt rachna hai iske liye bhi badhaai.

    ReplyDelete
  17. बहुत सुन्दर!
    63वें गणतन्त्रदिवस की शुभकामनाएँ!

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  18. बहुत सुन्दर , गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं।

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  19. बहुत सुंदर बधाई आपकी कविता में कवी है.साथ आप की कविता पर टिप्पणी कर्ता गणों की
    टिप्पणी भी बहुत अच्छी लगती है|

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  20. बहुत सुन्दर पंक्तियाँ..गणतंत्र दिवस की बधाई।

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  21. बहुत प्यारी कविता .... जय हिंद

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  22. बहुत सुन्दर भाव पूर्ण रचना के लिए हार्दिक बधाई |
    आशा

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    Replies
    1. आज के चर्चा मंच पर आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति
      का अवलोकन किया ||
      बहुत बहुत बधाई ||

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  23. वाह एक के साथ एक मुफ्त .दोनों रचनाएं उत्तम बेहतरीन आंचलिक कोमल शब्दावली भा गई ,मन हर्षा गई ,जैसे 'दूर्बादल '/ऊषा आदि .पति -पत्नी में साहित्यिक संगतता कम्पेतिबिलिती का अपना सुख बोध है जो आपका निजिक है .लाभान्वित हम भी हें हैं .

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  24. क्या भाव! क्या अभिव्यक्ति...मन प्रसन्न हो गया

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  25. बहुत ही सुन्दर और भावात्मक ...

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  26. "ओस कणों को दूर्बादल से
    चुन चुन कर रश्मि ने बीना
    कृषकों के तन से झर आये
    हीरा, मोती और नगीना."

    "संस्कृति के आदर्शों से
    नव युग का आव्हान करें"

    -अति सुंदर !
    -

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  27. जन गण मन के मधुर सुरों से
    आओ मंगल गान करें
    संस्कृति के आदर्शों से
    नव युग का आव्हान करें.

    बहुत सुंदर आवाहन...ओ बी ओ पर पुरस्कार जीतने के लिए बधाई!

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  28. बंसतोत्‍सव की अनंत शुभकामनाऍं

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  29. कुछ अनुभूतियाँ इतनी गहन होती है कि उनके लिए शब्द कम ही होते हैं !

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  30. जन गण मन के मधुर सुरों से
    आओ मंगल गान करें
    संस्कृति के आदर्शों से
    नव युग का आव्हान करें

    बहुत खूबसूरत

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