Followers

Friday, May 31, 2013

कुण्डलिया छंद :



(चित्र गूगल से साभार)
 पूर्ण होंगे सब सपने ...

अपने  जीवन  में   हुई ,  दोहरायें  ना  भूल
बच्चों  को  तो  भेजिये  ,  पढ़ने को  स्कूल
पढ़ने को स्कूल  ,  हुई क्यों  मन में दुविधा
सहिये थोड़ी आप,इनकी खातिर असुविधा
निश्चित  मानें  बात , पूर्ण  होंगे  सब सपने
दोहरायें  ना  भूल  ,  हुई  जीवन  में  अपने |

अरुण कुमार निगम
आदित्य नगर, दुर्ग (छत्तीसगढ़)
शम्भूश्री अपार्टमेंट ,विजय नगर, जबलपुर (मध्य प्रदेश)


10 comments:

  1. वाह आदरणीय गुरुदेव श्री अनमोल बात कही है आपने, लाजवाब शिक्षाप्रद कुण्डलिया छंद, प्रस्तुत चित्र को बहुत ही सुन्दरता एवं सहजता से परिभाषित किया है आपने, मेरी ओर से हार्दिक बधाई स्वीकारें.

    ReplyDelete
  2. बहुत ही सुन्दर व सार्थक कुंडलिया रची है अरुण जी , बहुत बहुत बधाई !

    ReplyDelete
  3. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा शनिवार(1-6-2013) के चर्चा मंच पर भी है ।
    सूचनार्थ!

    ReplyDelete
  4. शिक्षा देती सार्थक कुंडलियों के लिए ,बधाई !!!

    ReplyDelete
  5. शिक्षा देती सार्थक कुंडलियाँ
    बहुत खूब
    बधाई

    ReplyDelete
  6. आपकी यह रचना कल शनिवार (01 -05-2013) को ब्लॉग प्रसारण पर लिंक की गई है कृपया पधारें.

    ReplyDelete
  7. सार्थक कुंडलियाँ

    ReplyDelete
  8. . सुन्दर ,सार्थक कुंडलियाँ.. आभार

    ReplyDelete