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Saturday, May 4, 2013

झूठी संवेदना मत जताया करो


           
                 [चित्र गूगल से साभार]

झूठे  वादों  से   यूँ     लुभाया  करो
वादा कर ही लिया  तो निभाया करो |

अश्क़  हमने  हैं पहचाने, घड़ियाल  के
झूठी   संवेदना   मत   जताया  करो |

कीमती  है  जुबां , सोच कर खोलिए
बेवजह  ही  जुबां  ना  चलाया  करो |

चट्ठे - बट्ठे   सभी   एक  थैले  के   हो
कच्चे  चिट्ठे    खुल कर सुनाया करो |

दूध  के  हो धुले क्या , जरा सोच लो
तब कहीं जा के उंगली  उठाया करो |

अरुण कुमार निगम
आदित्यनगर, दुर्ग (छत्तीसगढ़)
शम्भूश्री अपार्ट्मेंट, विजय नगर,जबलपुर (म.प्र.)