[चित्र गूगल से साभार]
झूठे वादों
से यूँ न
लुभाया करो
वादा कर ही लिया तो निभाया करो |
अश्क़ हमने
हैं पहचाने, घड़ियाल के
झूठी संवेदना
मत जताया करो |
कीमती है
जुबां , सोच कर खोलिए
बेवजह ही
जुबां ना चलाया
करो |
चट्ठे - बट्ठे सभी एक
थैले के हो
कच्चे चिट्ठे
न खुल कर सुनाया करो |
दूध के हो
धुले क्या , जरा सोच लो
तब कहीं जा के उंगली उठाया करो |
आदित्यनगर, दुर्ग (छत्तीसगढ़)
शम्भूश्री अपार्ट्मेंट, विजय नगर,जबलपुर (म.प्र.)