(चित्र गूगल से साभार)
ऐश इनकम पे मेरी शामोसहर करती है
बैंक बैलेंस को पल भर में सिफर करती है ||
मैंने बाइक भी नहीं बदली कई सालों से
वो हमेशा यूँ ही ए सी में सफर करती है ||
भाँप के उसके इरादे मैं काँप जाता हूँ
जब मेरी ओर कभी तिरछी नज़र करती है ||
जानती है कि ये है मोम , पिघल जाएगा
झील-सी आँख तुरत अश्क़ से तर करती है ||
मेरी हिंदी तो जुबां से न निकल पाती है
जब भी अंग्रेजी में वो चटर-पटर करती है ||
शौक है खर्च का दौलत भी लुटाती है बहुत
खूब लड़ती है मुझे प्यार मगर करती है ||
अरुण कुमार निगम
आदित्यनगर, दुर्ग (छत्तीसगढ़)
शम्भूश्री अपार्टमेंट, विजय नगर, जबलपुर
(मध्यप्रदेश)