Followers

Showing posts with label गज़ल :मुझे प्यार मगर करती है. Show all posts
Showing posts with label गज़ल :मुझे प्यार मगर करती है. Show all posts

Friday, May 3, 2013

मुझे प्यार मगर करती है








 (चित्र गूगल से साभार)
 ऐश इनकम  पे मेरी शामोसहर करती है
बैंक बैलेंस को पल भर में सिफर करती है ||

मैंने बाइक  भी  नहीं बदली कई सालों से
वो  हमेशा  यूँ  ही ए सी में सफर करती है ||

भाँप  के  उसके  इरादे   मैं  काँप जाता हूँ
जब मेरी ओर कभी तिरछी नज़र करती है ||

जानती है  कि  ये है मोम , पिघल जाएगा
झील-सी आँख तुरत अश्क़ से तर करती है ||

मेरी  हिंदी  तो जुबां से  न निकल पाती है
जब भी अंग्रेजी में  वो चटर-पटर करती है ||

शौक है खर्च का दौलत भी लुटाती है बहुत
खूब  लड़ती  है  मुझे प्यार मगर करती है ||

अरुण कुमार निगम
आदित्यनगर, दुर्ग (छत्तीसगढ़)
शम्भूश्री अपार्टमेंट, विजय नगर, जबलपुर (मध्यप्रदेश)