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Tuesday, September 15, 2026

"तीजा अउ पोरा के तिहार"

 "तीजा अउ पोरा के तिहार"


दाई अउ ददा के रहत ले रहिस, राखी-

तीजा अउ पोरा के तिहार।

पराया करिन जब ले, भइया अउ भउजी मन

सुन्ना होगे मइके के दुवार।


जेन घर-मा जनम लेयेंव,

खेलेंव जउने अँगना

तउने अँगना-घर बर मँय

होगेंव आज पहुना


खेलेंव नान्हें बहिनी सँग,

भइया ला दुलारेंव

रँधनी मा राँधेंव

अँगना मा चउँक पारेंव


चूल्हा चौकी रँधनी मुहाटी परछी तको

मोला आज देइन बिसार

दाई अउ ददा के रहत ले रहिस, राखी,

तीजा अउ पोरा के तिहार।


ममा गाँव जाबो कहिथें

मोर नोनी बाबू

हिरदे के पीरा ऊपर

कइसे राखँव काबू


ददा अउ दाई बिना

मइके पराया

राई-छाई दुये दिन मा

होगे मोह-माया


आँखी ले सावन-भादो, टिप-टिप बरसे

नँदा गेहे हक-अधिकार

दाई अउ ददा के रहत ले रहिस, राखी,

तीजा अउ पोरा के तिहार।


रचयिता - अरुण कुमार निगम