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Tuesday, February 19, 2013

कुण्डलिया छंद :


भेजे  में  घुसता  नहीं ,  राजनीति  का  खेल
हमने सीखा बंधुवर  ,  दिल से दिल का मेल
दिल से दिल का मेल ,जात औ’ पात न जाने
चेहरे का  क्या  काम  ,  धड़कनों से पहचाने
प्रेम - मार्ग चल ‘अरुण’ ,नयन में नेह सहेजे
हृदय   देत   विश्वास  ,   घात   देते   हैं   भेजे ||

अरुण कुमार निगम
आदित्य नगर, दुर्ग (छत्तीसगढ़)
विजय नगर, जबलपुर (मध्य प्रदेश)

Saturday, February 16, 2013

कुण्डलिया छंद :


चोंच  नुकीली तीक्ष्ण  हैं ,पंजों के नाखून
जो  भी  आये  सामने , कर  दे  खूनाखून
कर दे खूनाखून , बाज  है  बड़ा  शिकारी
गौरैया खरगोश  , कभी बुलबुल की बारी
चोंच सभी की मौन,व्यवस्था ढीली-ढीली
चोंच लड़ाये कौन, बाज की चोंच नुकीली ||


अरुण कुमार निगम
आदित्य नगर, दुर्ग (छत्तीसगढ़)
शम्भूश्री अपार्टमेंट, विजय नगर, जबलपुर (म.प्र.)

Sunday, February 10, 2013

तीन कुण्डलिया छंद –


(1)
मतलब का मतलब कभी , मत लब से तू बोल
तलब छुपी इसमें बुरी , बल तम  इसके  खोल
बल तम इसके खोल , बलम जी  इसमें है बम
इसके तल में  स्वार्थ  , बसा  करता है  हरदम
रिश्ते - नाते ‘अरुण’ ,  तोड़  देता है जब- तब
मत लब से तू बोल, कभी मतलब का मतलब ||

(2)
मत की कीमत जानिये, मत किस्मत का मूल
मत  बहुमत के  फेर में , मत को  करें फिजूल
मत को  करें फिजूल, दिखाएँ  हिम्मत लाला
मत  के  पीछे   भाग  ,  रहा  है  हर  मतवाला
सुख निर्मल नवनीत,अरुण सुख मत की मटकी
मत किस्मत का मूल ,जानिये कीमत मत की ||

(3)
शामत  मत  बुलवाइये  , मतवाली है शाम
मतलब -वतलब छोड़िये, भजिये राधेश्याम
भजिये राधेश्याम , राम का नाम सुमरिये
बैतरणी के पार , सुमत चढ़ि नाव उतरिये
जीवन है संग्राम , हारना अरुण न हिम्मत
मतलब करता नाश,इसी से आती शामत ||

अरुण कुमार निगम
आदित्य नगर, दुर्ग (छत्तीसगढ़)
विजय नगर, जबलपुर (मध्य प्रदेश)

Tuesday, February 5, 2013

गल्तियों को मान लेना चाहिये


 ज्ञानियों  से  ज्ञान  लेना चाहिये
गल्तियों  को मान  लेना चाहिये |

स्वस्थ रहने का सरल सिद्धांत है
पेय - जल को छान लेना चाहिये |

रास्ते सब खुद ब खुद मिल जायेंगे
लक्ष्य मन में  ठान  लेना चाहिये |

इस जहां में  दोस्तों की शक्ल को
दूर   से   पहचान  लेना  चाहिये |

धन न वैभव सुख कभी दे पाएंगे
प्रेम  का  वरदान  लेना  चाहिये |

दिल कहे कि पात्रता रखता है तू
तब  कोई  सम्मान  लेना चाहिये |

ज़िंदगी का अर्थ क्या है ऐ अरुण
अनुभवों से  जान  लेना  चाहिये |

अरुण कुमार निगम
आदित्य नगर, दुर्ग (छत्तीसगढ़)
विजय नगर, जबलपुर (मध्यप्रदेश)