(1)
मतलब
का मतलब कभी , मत लब से तू बोल
तलब
छुपी इसमें बुरी , बल तम इसके खोल
बल तम इसके खोल , बलम जी इसमें है बम
इसके तल में स्वार्थ
, बसा करता है हरदम
रिश्ते
- नाते ‘अरुण’ , तोड़ देता है जब- तब
मत
लब से तू बोल, कभी मतलब का मतलब ||
(2)
मत की कीमत जानिये, मत किस्मत का मूल
मत बहुमत के फेर में , मत को करें फिजूल
मत
को करें फिजूल, दिखाएँ हिम्मत लाला
मत के पीछे
भाग , रहा है हर मतवाला
सुख निर्मल नवनीत,अरुण सुख मत की मटकी
मत किस्मत का मूल ,जानिये कीमत मत की
||
(3)
शामत
मत बुलवाइये , मतवाली है शाम
मतलब
-वतलब छोड़िये, भजिये राधेश्याम
भजिये राधेश्याम , राम का नाम सुमरिये
बैतरणी के पार , सुमत चढ़ि नाव उतरिये
जीवन
है संग्राम , हारना अरुण न हिम्मत
मतलब
करता नाश,इसी से आती शामत ||
अरुण कुमार निगम
आदित्य
नगर, दुर्ग (छत्तीसगढ़)
विजय नगर, जबलपुर (मध्य प्रदेश)