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Sunday, February 24, 2013

पर्यावरण : कुण्डलिया



होता  अति का   अंत है , कह गये सारे संत
एक  सरीखे  रह गये  ,   पतझर और बसंत
पतझर और   बसंत , सभी मौसम हैं घायल
दूषित जल में मौन , हुई  सरिता की पायल
लुप्त  हो   रहे  जीव  ,  बया   गौरैय्या  तोता
सँभल जरा ओ मनुज,अंत है अति का होता ||

         अरुण कुमार निगम
         आदित्य नगर, दुर्ग (छत्तीसगढ़)
         
शम्भूश्री अपार्टमेंट, विजय नगर, जबलपुर (म.प्र.)