अब की बार दीवाली में........
(विष्णु पद छन्द)
अब की बार दीवाली में हम, कुछ नूतन कर लें
किसी दीन के घर में जाकर, उसका दुख हर लें ।
अब की बार दीवाली में हम, देशी अपनाएँ
लुप्त हो रही परम्परा को, फिर से सिरजाएँ ।
अब की बार दीवाली में हम, यह संकल्प करें
दूषित वातावरण हो रहा, कायाकल्प करें।
अब की बार दीवाली में हम, श्रम का मान करें
अपने कारीगर-श्रमिकों पर, नित अभिमान करें ।
अरुण कुमार निगम
आदित्य नगर, दुर्ग (छत्तीसगढ़)
(विष्णु पद छन्द)
अब की बार दीवाली में हम, कुछ नूतन कर लें
किसी दीन के घर में जाकर, उसका दुख हर लें ।
अब की बार दीवाली में हम, देशी अपनाएँ
लुप्त हो रही परम्परा को, फिर से सिरजाएँ ।
अब की बार दीवाली में हम, यह संकल्प करें
दूषित वातावरण हो रहा, कायाकल्प करें।
अब की बार दीवाली में हम, श्रम का मान करें
अपने कारीगर-श्रमिकों पर, नित अभिमान करें ।
अरुण कुमार निगम
आदित्य नगर, दुर्ग (छत्तीसगढ़)