बारह पंक्तियाँ
बारह ज्योतिर्लिंग हैं, बारह हैं कुल मास
बारह होती राशियाँ , बारह संख्या खास |
बारह से दर्जन गिनो, बारह घड़ी के अंक
हर पूनम पर पर्व दे , बारह मास मयंक |
पौ बारह से जीत लो, जीवन एक बिसात
दुश्मन के बारह बजें, कुछ ऐसी दो मात |
पहले अक्षर - ज्ञान फिर , बारह खड़ी सिखायँ
उन गुरुजन के शिष्य सब, आजीवन मुस्कायँ |
नाम सुनो दिल दहलता , ऐसी बारह बोर
जित रक्षक बन यह खड़ी,उत फटके ना चोर |
बारहसिंगा जीव सम, पशु वन का श्रृंगार
इन सब की रक्षा करें , खूब लुटायें प्यार |
अरुण कुमार निगम
आदित्य नगर, दुर्ग (छत्तीसगढ़)
विजयनगर, जबलपुर (मध्यप्रदेश)