Followers

Showing posts with label बहुत देर कर दी ..... Show all posts
Showing posts with label बहुत देर कर दी ..... Show all posts

Wednesday, August 24, 2011

बहुत देर कर दी ....

बहुत देर कर दी है तुमने आने में
पलक बंद कर मैं अब सोने वाला हूँ
मत कोशिश करना तुम मुझे जगाने की
मदिरालय का मैं इक टूटा प्याला हूँ...............................


चाहो तो अपनी पलकों को नम कर लेना
किसी बहाने अपने गम को कम कर लेना
और बुला लेना सूरज अपने आंगन में
मेरा क्या ? मैं बुझता हुआ उजाला हूँ..............................


तुम देवी हो कोई भी पूजा कर लेगा
मूरत हो , मंदिर में कोई धर लेगा
जीर्ण-शीर्ण , नख-शिख से दरका जाता हूँ
कैसे कह दूँ कि मैं एक शिवाला हूँ................................

बहुत देर कर दी है तुमने आने में
पलक बंद कर मैं अब सोने वाला हूँ.


अरुण कुमार निगम
आदित्य नगर ,दुर्ग (छत्तीसगढ़)

{रचना वर्ष – 1978}