सब्जी लेने गये थे दद्दू
लेकर आये बड़ा सा कद्दू.
बच्चे देखके मुँह बिचकाये
उनको कद्दू तनिक न भाये.
दद्दू ने तब स्थिति भाँपी
तुरत निकाली जेब से टॉफी.
बच्चे खुश हो पास में आये
दद्दू , दद्दू कह चिल्लाये.
सब बच्चों ने टॉफी खाई
मुनिया थोड़ी सी झुंझलाई.
बोली दद्दू दियो बताये
ऐसा क्या जो कद्दू लाये.
तब दद्दू जी जरा मुस्काये
और गोद में उसे उठाये
बोले मुनिया बिटिया सुन
कद्दू में हैं औषधीय गुन.
इसमें होता बीटा केरोटिन
जो देता हमें ‘ए’ विटामिन
कम करता है यह कोलेस्ट्राल
हृदय को रखता खूब सम्भाल.
शर्करा की मात्रा रखे नियंत्रित
पेंक्रियाज को करे परिवर्द्धित
गड़बड़ी पेट की करता दूर
मूत्रवर्धक भी है भरपूर.
यह सुपाच्य ठंडक पहुँचाता
मंगल काज नें खाया जाता
जब उपवास करे नर-नारी
सेवन करते हैं फलाहारी.
सब्जी या फिर हल्वा बनाओ
इसके फूल का भजिया खाओ.
छिलका भी इसका लाभदायक
दूर करे ये रोग संक्रामक.
जब उन्तीस सितम्बर आये
कई देश पंपकिन डे मनाये.
कद्दू की महिमा यूँ सुनाई
बात समझ बच्चों के आई.
एक साथ सब बोले दद्दू !
इतना गुणकारी है कद्दू
आज से हम इसको खायेंगे
चलिये हल्वा बनवायेंगे.
(मेरे छत्तीसगढ़ी ब्लॉग में "मुनु बिलाई बाल-गीत" http://mitanigoth.blogspot.com )
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अरुण कुमार निगम
आदित्य नगर , दुर्ग ( छत्तीसगढ़ )
विजय नगर , जबलपुर ( मध्य प्रदेश )