अरुण कुमार निगम (हिंदी कवितायेँ)
Showing posts with label अनबुझी – सी प्यास है तू...... Show all posts
Showing posts with label अनबुझी – सी प्यास है तू...... Show all posts
Saturday, September 10, 2011

अनबुझी – सी प्यास है तू.....

›
उम्र भर की तलाश है तू तू जमीं , आकाश है तू. मौत तुझसे पूछता हूँ किसलिये उदास है तू. बुझ सकी ना ज़िंदगी से अनबुझी-सी प्यास है तू. आ तुझ...
17 comments:
›
Home
View web version
Powered by Blogger.