अरुण कुमार निगम (हिंदी कवितायेँ)
Tuesday, September 15, 2026

"तीजा अउ पोरा के तिहार"

›
 " तीजा अउ पोरा के तिहार" दाई अउ ददा के रहत ले रहिस, राखी- तीजा अउ पोरा के तिहार। पराया करिन जब ले, भइया अउ भउजी मन सुन्ना होगे मइ...
Saturday, July 11, 2026

चेहरे को धोना चाहिए था

›
 ग़ज़ल मुझे चाँदी न सोना चाहिए था फकत सपना सलोना चाहिए था अगर देना था भाषण मुफ़लिसी पे तुम्हें कंकड़ पे सोना चाहिए था सियासत में वो नफरत बो रहे ...
6 comments:
Wednesday, June 10, 2026

अधजल गगरी करवाती है, अपना ही सम्मान।

›
 *क्या होगा भगवान !* अधजल गगरी करवाती है, अपना ही सम्मान। भरी गगरिया पूछ रही है, क्या होगा भगवान !! (1) काँव काँव का शोर मचाते, दरबारों में ...
4 comments:
Tuesday, May 19, 2026

पतिराम साव जयंती पर विशेष

›
 “आज पतिराम साव जयंती पर विशेष” संक्षिप्त परिचय -  दुर्ग के यशस्वी साहित्यकार, चिंतक,  अध्यापक और समाजसेवी श्रद्धेय पतिराम साव जी का जन्म आज...
Thursday, March 19, 2026

"छत्तीसगढ़ी गजल"

›
 "छत्तीसगढ़ी गजल" करथे अलकरहा बात कभू दिन ला वो कहिथे रात कभू जिनगी के पोनी उरकत हे तँय सूत करम के कात कभू जिनगी मा तुम पानी राखव ब...
1 comment:
Sunday, September 28, 2025

छत्तीसगढ़ मा छन्द के अलख जगइया - जनकवि कोदूराम "दलित"

›
 58 वीं पुण्यतिथि पर सादर नमन.........                                                                               छत्तीसगढ़ मा छन्द के अलख...
1 comment:
Thursday, September 19, 2024

कुण्डलिया छन्द

›
चंदा में रोटी.... रोटी में चन्दा दिखे, श्वेत घटा में खीर। नहीं सता सकती हमें, किसी तरह की पीर।। किसी तरह की पीर, नहीं हम पाला करते। जैसे हों...
1 comment:
›
Home
View web version
Powered by Blogger.