अरुण कुमार निगम (हिंदी कवितायेँ)
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Saturday, December 1, 2012

मेरी रत्ना को ऐसे तेवर दे

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मुझको हे वीणावादिनी वर दे कल्पनाओं  को   तू  नए पर दे | अपनी  गज़लों  में  आरती गाऊँ कंठ को  मेरे  तू   मधुर  स्वर दे | झिनी झीनी ...
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