Showing posts with label
उपमेय बने उपमान –
.
Show all posts
Showing posts with label
उपमेय बने उपमान –
.
Show all posts
Saturday, September 24, 2011
उपमेय बने उपमान –
›
अल्हड़ लहरों में तेरी चंचलता देखी गंगाजल में तेरी ही पावनता देखी जो श्रद्धा तेरी पलकों में झाँकी मैंने हर मंदिर में श्रद्धा की निर्म...
16 comments:
›
Home
View web version