अरुण कुमार निगम (हिंदी कवितायेँ)
Thursday, May 15, 2014

स्वागतम सोलह मई........

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सोलह की महिमा में सोलह पंक्तियाँ ............... सोलह - सोलह लिये गोटियाँ , खेल चुके शतरंजी चाल सोलह - मई बताने वाली , किसने कैस...
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Tuesday, April 29, 2014

गज़ल...

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नजदीक घर के आपके थाना तो है नहीं बुड्ढा दरोगा आपका   नाना तो है नहीं तुड़वा के हाथ पैर करे प्यार आपसे दिल इतना बेवकूफ दीवान...
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Tuesday, April 15, 2014

चैत की चंदनिया

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                   चादर सी , चूनर सी-        चैत की चंदनिया झांझर सी , झूमर सी -   चैत की चंदनिया महुआ की मधुता सी ,  मनभाती-मदमाती ...
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Thursday, February 6, 2014

शुभ-वसंत

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मुझको हे वीणावादिनी वर दे कल्पनाओं को तू नए पर दे | अपनी गज़लों में आरती गाऊँ कंठ को मेरे तू मधुर स्वर दे | झीनी झीनी चदरिया ओढ़ सकूँ...
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Monday, February 3, 2014

आल्हा छन्द

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“हम सुधरे तो युग सुधरेगा” आदिकाल के  मानव ने  था , रखा  सभ्यता के पथ पाँव और  बाँटते  रहा  हमेशा  , अपनी  नव-पीढ़ी  को  छाँव कालान्...
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Wednesday, December 18, 2013

पापा कहते हैं बड़ा , नाम करेगा .............

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छंद कुण्डलिया : (१) पापा कहते हैं बड़ा , नाम  करेगा  पूत होगी बेटे से  अहा , वंश - बेल मजबूत वंश - बेल मजबूत , गर्भ में  बेटी मार...
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Wednesday, December 11, 2013

११-१२-१३

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ग्यारह - बारह  बाद में , है  तेरह का साल अंकों ने  कैसा  किया , देखो  आज कमाल देखो आज कमाल , दिवस यह  अच्छा बीते आज किसी के  स्व...
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