Tuesday, April 9, 2013
बाल-गीत
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अहा ! बालपन , बहुत निराला | सीधा – सादा , भोला - भाला || प्यास लगे तो “ मम-मम ” बोले भूख लगे चिल्लावे , रो ले मातु यशो...
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Wednesday, March 27, 2013
तब फागुन ,फागुन लगता था
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तब फागुन ,फागुन लगता था चौपाल फाग से सजते थे नित ढोल - नंगाड़े बजते थे तब फागुन , फागुन लगता था यह मौसम कितना चंचल थ...
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Monday, March 25, 2013
रात रात भर चिट्ठी लिखना
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छंद कुण्डलिया : चिट्ठी (1) बीते दिन वो सुनहरे , नैन ताकते द्वार कब आएगा डाकिया , लेकर चिट्ठी- तार लेकर चिट्ठी -तार , डाक...
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Thursday, March 21, 2013
आज विश्व कविता दिवस (वर्ड पोयट्री डे) : 21 मार्च पर
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कविता नहीं बनाई जा सके , कविता खुद बन जाय कागज पर उतरे नहीं , मन से मन तक जाय मन से मन तक जाय , वही कविता कहलाये अनायास ...
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Wednesday, March 20, 2013
जल है तो कल है....
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(चित्र गूगल से साभार) छंद मरहठा – 10 , 8 , 11 मात्राओं पर यति देकर कुल 29 मात्रायें | अंत में गुरु , लघु | जल मलिन न करिय...
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Saturday, March 16, 2013
पाँच रंग
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लाल रक्त बहाता आदमी , करे धरा को लाल | मृत्यु बाँटते फिर रहा,यह कलियुग का काल || नीला गौर वर्ण नीला हुआ ,...
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